छत्तीसगढ़
नशे में गाड़ी चलाकर पुलिस से भिड़े पूर्व सरपंच और साथी, रात हवालात में बिताई
Shantanu Roy
14 Sept 2025 8:55 PM IST

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छग
Bilaspur. बिलासपुर। शहर में नशे में गाड़ी चलाने वालों और रात के समय संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण रखने के लिए पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के दौरान शनिवार रात तारबाहर थाना क्षेत्र में पूर्व सरपंच अनिल राठौर और उसके साथी प्रतीक तिवारी को नशे में गाड़ी चलाते हुए पकड़ लिया गया। दोनों पुलिस टीम से विवाद करते हुए उलझ गए, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर रातभर हवालात में रखा। अगले दिन सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश कर कानूनी कार्रवाई की गई। शहर में यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। राजपत्रित अधिकारियों द्वारा भी इन चेकिंग पॉइंट्स का सुपरविजन किया जाता है। अभियान के तहत नशे में गाड़ी चलाने वालों, देर रात बेवजह घूमने वाले संदिग्धों और आपराधिक तत्वों पर कार्रवाई की जा रही है।
बीते शनिवार की रात श्रीकांत वर्मा मार्ग पर नारायण प्लाजा के सामने तारबाहर पुलिस द्वारा चेकिंग पॉइंट लगाया गया था। इसी दौरान लिंगियाडीह निवासी अनिल राठौर, जो पूर्व सरपंच रह चुका है, शराब के नशे में गाड़ी चलाते हुए वहां पहुंचा। पुलिस टीम ने उसे रोककर जांच की तो वह नशे की हालत में पाया गया। उसके साथ उसका साथी प्रतीक तिवारी भी था। पुलिस द्वारा विधिवत कार्यवाही की जाने लगी तो अनिल राठौर ने नाराजगी जताई और अपनी ऊँची पहुँच का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों से दुर्व्यवहार करने लगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बार-बार समझाइश दी, लेकिन वह उग्र होकर पुलिस से उलझता रहा। उसका साथी प्रतीक तिवारी भी पुलिसकर्मियों से हुज्जत करने लगा। विवाद बढ़ते-बढ़ते उस स्थिति तक पहुँच गया कि राहगीरों की मौके पर भीड़ लग गई। कई लोगों ने विवाद रोकने का प्रयास किया, परंतु दोनों आरोपी शांत नहीं हुए।
स्थिति गंभीर होते देख पुलिस टीम ने थाने से अतिरिक्त बल बुलवाया और दोनों आरोपियों को पेट्रोलिंग वाहन में बैठाकर थाने ले जाया गया। वहां उनकी जमकर खातिरदारी की गई और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर उन्हें रातभर लॉकअप में रखा गया। अगले दिन रविवार शाम को उन्हें सिटी मजिस्ट्रेट न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गई। पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने कहा कि शहर में अनुशासन बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह की कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नशे में वाहन चलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसकी सामाजिक या राजनीतिक स्थिति कैसी भी हो।
चेकिंग अभियान में शामिल अधिकारियों ने बताया कि पूर्व सरपंच अनिल राठौर बार-बार खुद को प्रभावशाली बताकर पुलिसकर्मियों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि पुलिस टीम ने धैर्य बनाए रखते हुए पूरे मामले को कानून के दायरे में रहकर सुलझाया। वहीं प्रतीक तिवारी भी उसके समर्थन में पुलिस से बहस कर रहा था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया। यह घटना शहर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और शराब पीकर वाहन चलाने की प्रवृत्ति के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई का संदेश देती है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे सड़क पर अनुशासन बनाए रखें, पुलिस की कार्रवाई में सहयोग करें और यातायात नियमों का पालन करें। इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि कानून के सामने हर व्यक्ति बराबर है और नशे में गाड़ी चलाकर समाज में खतरा फैलाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई से आम जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
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